गर्भावस्था के दौरान माताओं को पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना प्रभावी साबित हो रही है। योजना के माध्यम से प्रदेश की हजारों महिलाओं को सहायता मिल रही है, जिससे सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिल रहा है।
इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के विकासखंड राजपुर अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र कोडाकुपारा की निवासी श्रीमती शशी को योजना से बड़ी राहत मिली। सीमित आय वाले परिवार से संबंध रखने वाली श्रीमती शशी के लिए गर्भावस्था के दौरान पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करना आसान नहीं था। मजदूरी पर निर्भर रहने के कारण अतिरिक्त खर्च की चिंता बनी रहती थी।
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत उन्हें कुल 5000 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई, जिसमें पहली किश्त के रूप में 3000 रुपये और दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये उनके खाते में जमा किए गए। इस सहायता राशि से उन्होंने पौष्टिक आहार लिया और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन और बेहतर देखभाल के परिणामस्वरूप उन्होंने एक स्वस्थ बालिका को जन्म दिया, जिसका जन्म के समय वजन 2.8 किलोग्राम रहा। वर्तमान में नियमित स्तनपान और संतुलित देखभाल से शिशु का विकास स्वस्थ रूप से हो रहा है और परिवार में खुशी का माहौल है।
प्रदेश में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि फरवरी 2026 की स्टेट-वाइज राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य ने 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर और 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक राज्य में 1 लाख 86 हजार 586 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया जा चुका है और 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये की राशि सीधे हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।




