कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर आगामी केरल विधानसभा चुनावों पर चर्चा के लिए आयोजित पार्टी की एक महत्वपूर्ण रणनीति बैठक में अनुपस्थित रहकर एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इससे पार्टी के कामकाज के प्रति उनकी नाराजगी का संकेत मिलता है। थरूर ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया कि उन्हें और पार्टी को लेकर कुछ “मतभेद” हैं और वे पार्टी नेतृत्व के साथ उन पर चर्चा करना चाहते हैं।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने शनिवार को ऑपरेशन सिंदूर पर अपने “अडिग” रुख को दोहराते हुए कहा कि उन्होंने संसद में अपनी पार्टी के किसी भी रुख का कभी उल्लंघन नहीं किया है। शशि थरूर की अहम कांग्रेस बैठकों में अनुपस्थिति से अटकलें तेज हो रही हैं, और इस सप्ताह ये अटकलें उनके गृह राज्य केरल पर केंद्रित हैं, जहां जल्द ही चुनाव होने वाले हैं। थरूर ने अब स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर अपने रुख को लेकर वे “अडिग” हैं, जैसे कि पाकिस्तान के खिलाफ भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कार्रवाइयों का समर्थन करना, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने का तरीका भी शामिल है।




