बिलासपुर.
एनटीपीसी सीपत ने फ्लाई ऐश (राखड़) के शत-प्रतिशत उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण नवाचार किया है। यह कदम पर्यावरणीय दृष्टिकोण से काफी सराहनीय है, क्योंकि इस प्रक्रिया के माध्यम से अब राखड़ का उपयोग पर्यावरण के लिए हानिकारक नहीं रहेगा, बल्कि इसे विभिन्न उपयोगी सामग्रियों के निर्माण में किया जा रहा है।एनटीपीसी सीपत ने इसे गमले, टाइल्स, कुर्सी, इंटरलाकिंग और ईंट जैसी चीजों के निर्माण में शामिल किया है। इससे न केवल राखड़ का सही तरीके से उपयोग हो रहा है, बल्कि यह पर्यावरणीय संकट को भी कम करेगा। यह जानकारी एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक विजय कृष्ण पांडेय ने दी।




