
तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने नब्बे वर्ष की आयु में एक ऐसा सम्मान हासिल किया है जिसने धर्म, दर्शन और जन संस्कृति को एक साथ ला खड़ा किया है। लॉस एंजिलिस में हुए 68वें ग्रैमी समारोह में उन्हें सर्वश्रेष्ठ ध्वनि पुस्तक वाचन और कथा वाचन श्रेणी में सम्मान मिला। यह सम्मान उनकी ध्वनि पुस्तक मेडिटेशंस: द रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलिनेस दलाई लामा के लिए दिया गया, जिसमें उनकी अपनी आवाज में करुणा, शांति, सजगता और मानव एकता पर विचार दर्ज हैं।
समारोह में यह सम्मान उनकी ओर से कनाडाई गायक गीतकार रुफस वेनराइट ने ग्रहण किया। इस परियोजना के संगीत में सरोद वादक अमजद अली खान के साथ अमान अली बंगश, अयान अली बंगश और कबीर सहगल का योगदान रहा। पृष्ठभूमि में मधुर हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के साथ दलाई लामा की शांत वाणी इस कृति को एक अनोखी गहराई देती है। ध्वनि पुस्तक को दस भागों में बांटा गया है जिनके नाम हैं हृदय, एकता, सद्भाव, दया, जल, मन, स्वास्थ्य, शांति, सार और यात्रा। आरंभिक भाग हृदय में वह कहते हैं कि गर्मजोशी भरा हृदय ही भीतर की शांति लाता है।



