केंद्रीय श्रमिक संगठनों और किसान समूहों के आह्वान पर आज देशभर में भारत बंद के तहत व्यापक हड़ताल और प्रदर्शन देखे जा रहे हैं। हम आपको बता दें कि श्रमिक संगठनों का आरोप है कि केंद्र सरकार की नीतियां मजदूर और किसान हितों के खिलाफ तथा बड़ी कंपनियों के पक्ष में हैं। इसी के विरोध में दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साझा मंच ने यह राष्ट्रव्यापी कदम उठाया है जिसे कई किसान संगठनों, छात्र समूहों और युवा संगठनों का भी समर्थन मिला है।आज हो रही हड़ताल के दौरान उठ रही मांगों में मुख्य जोर चार श्रम संहिताओं को रद्द करने, बिजली संशोधन विधेयक 2025 और बीज विधेयक 2025 को वापस लेने, नए परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं को रोकने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने पर है। साथ ही मनरेगा जैसी ग्रामीण रोजगार योजना के लिए अधिक धन और मजबूत प्रावधान की मांग भी उठाई जा रही है। श्रमिक संगठनों ने जरूरी सामान, पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम कम करने की भी मांग रखी है।




