दुनिया एक बार फिर से भारतीय कूटनीति की ताकत देख रहा है. ईरान युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों का आना-जाना बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. भारत की एनर्जी सिक्योरिटी के लिए होर्मुज का ओपन रहना काफी महत्वपूर्ण है, पर जंग के हालात में यह गलियारा भी प्रभावित हुआ है. होर्मुज पर संकट आते ही भारत एक्टिव हो गया. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के टॉप लीडरशिप के साथ ही अरब देशों के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत शुरू कर भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता मुहैया कराने की कोशिश शुरू कर दी. दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरानी मसूद पेजस्कियान ने बातचीत की और शांति के प्रति भारत की प्रतिबद्धता जताई. इसके बाद ऐसे कठिन समय में भी होर्मुज के द्वार भारत के लिए खुलने लगे हैं. शिवालिक और नंदा देवी के बाद अब एक और शिप कच्चा तेल लेकर भारत के लिए रवाना हो चुका है. इंडियन नेवी इसे एस्कॉर्ट कर रही है, ताकि किसी भी तरह के खतरे को समय रहते विफल किया जा सके.
दरअसल, वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय ध्वज वाले जहाज ‘जग लाडकी’ (Jag Laadki) ने संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा तेल टर्मिनल पर हुए हमले के बाद सुरक्षित रूप से रवाना होकर भारत की ओर अपनी यात्रा शुरू कर दी है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है. मंत्रालय के अनुसार, 14 मार्च 2026 को जब भारतीय जहाज जग लाडकी फुजैरा सिंगल प्वाइंट मूरिंग (Single Point Mooring) पर कच्चा तेल लोड कर रहा था, उसी दौरान फुजैरा ऑयल टर्मिनल पर हमला हुआ. इसके बावजूद जहाज और उस पर सवार सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित रहे. जहाज रविवार सुबह लगभग 10:30 बजे भारतीय समयानुसार फुजैरा से सुरक्षित रूप से रवाना हो गया. जहाज पर करीब 80,800 मीट्रिक टन ‘मुरबन’ (Murban) कच्चा तेल लदा हुआ है और यह भारत की ओर बढ़ रहा है.
जग लाडकी की लगातार मॉनिटरिंग
पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में तैनात भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी और समन्वय किया जा रहा है. पिछले 24 घंटों के दौरान भारतीय नाविकों से जुड़ी किसी भी प्रकार की समुद्री दुर्घटना या सुरक्षा घटना की सूचना नहीं मिली है. बता दें कि इस बीच दो अन्य भारतीय ध्वज वाले एलपीजी कैरियर जहाज (शिवालिक (Shivalik) और नंदा देवी (Nanda Devi)) भी सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं. इन दोनों जहाजों पर कुल मिलाकर करीब 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी लदा हुआ है. मंत्रालय के अनुसार, शिवालिक जहाज 16 मार्च यानी सोमवार को गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचेगा, जबकि नंदा देवी 17 मार्च बुधवार को कांडला बंदरगाह पहुंचने वाली है.
होर्मुज स्ट्रेट ईरान युद्ध के चलते डिस्टर्ब हो गया है.




