इस महाभियान को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन द्वारा एक विशेष पुस्तक दान रथ तैयार किया गया है, जिसे कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने कलेक्ट्रेट परिसर में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अभियान के पहले ही दिन उत्साह का माहौल देखा गया और शहर के पावर हाउस चैक, डोंगरीपारा, कोहकापाल, धरमपुरा और नया बस स्टैंड जैसे प्रमुख क्षेत्रों से होते हुए सिटी कोतवाली तक लोगों ने बढ़-चढ़कर अपनी पुस्तकें दान कीं। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री बीआर बघेल और आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त श्री गणेश राम सोरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने खुद भी इस मुहिम में योगदान दिया।
सिलसिलेवार तरीके से यह अभियान अगले सात दिनों तक बस्तर के कोने-कोने में पहुँचेगा, जिसके तहत 20 मार्च को तोकापाल के एर्राकोट और करंजी क्षेत्रों में, 21 मार्च को बास्तानार और किलेपाल में तथा 22 मार्च को दरभा और तीरथगढ़ के अंचलों में यह रथ भ्रमण करेगा। इसी क्रम में 23 मार्च को बकावण्ड, 24 मार्च को लोहण्डीगुड़ा और अंतिम दिन 25 मार्च को बस्तर विकासखंड के भानपुरी और केशरपाल जैसे क्षेत्रों में सघन रूप से पुस्तकें संग्रहित की जाएंगी। एकत्रित की गई इन बहुमूल्य पुस्तकों को जिला ग्रंथालय एवं विकासखंड स्तर के पुस्तकालयों में पूरी संजीदगी के साथ संरक्षित किया जाएगा, ताकि वे जिज्ञासु पाठकों और जरूरतमंद विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने के काम आ सकें। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।




