Home देश 100 से ऊपर चला गया रुपया तो क्‍या-क्‍या होगा? आप पर कितना...

100 से ऊपर चला गया रुपया तो क्‍या-क्‍या होगा? आप पर कितना असर, जानिए

13
1
Spread the love

भारतीय रुपया लगातार कमजोर होकर डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है. अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी, महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और मिडिल ईस्ट तनाव इसके बड़े कारण माने जा रहे हैं. कमजोर रुपये से पेट्रोल, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयां और अन्य इंपोर्टेड सामान महंगे हो सकते हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा है. लेकिन कुछ सेक्टर्स को इससे फायदा भी मिलेगा.

भारतीय रुपया लगातार दबाव में बना हुआ है. शुक्रवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे कमजोर होकर 95.87 पर खुला और इंट्राडे ट्रेड में रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 96.14 प्रति डॉलर तक पहुंच गया. इससे पहले गुरुवार को यह डॉलर के मुकाबले 95.9575 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया था. विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने रुपये पर दबाव बढ़ा दिया है.
जब भी दुनिया में आर्थिक अनिश्चितता या युद्ध जैसे हालात बनते हैं, निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर जाते हैं. अमेरिकी डॉलर को दुनिया की सबसे सुरक्षित करेंसी माना जाता है, इसलिए ऐसे समय में इसकी मांग बढ़ जाती है. डॉलर मजबूत होने पर रुपये जैसी उभरते बाजारों की करेंसी कमजोर पड़ती हैं. इसके अलावा अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची रहने से विदेशी निवेशक भारत जैसे इमरजिंग मार्केट से पैसा निकालकर अमेरिकी बाजारों में निवेश बढ़ाते हैं. जब विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकालते हैं, तो उन्हें रुपये बेचकर डॉलर खरीदना पड़ता है. इससे डॉलर की मांग और बढ़ती है और रुपया कमजोर होता है.
कच्चे तेल और मिडिल ईस्ट तनाव का असर
हाल के महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने भी रुपये पर दबाव बढ़ाया है. आज सोमवार को ब्रेंट क्रूड करीब 111 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है. भारत अपनी करीब 90% तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, इसलिए तेल महंगा होने से देश का आयात बिल बढ़ जाता है.

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here