कलेक्टर श्रीमती चन्दन संजय त्रिपाठी एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत वाड्रफनगर द्वारा यह कार्य निर्धारित समय-सीमा से पहले पूर्ण किया गया। जनपद स्तर पर प्रभावी कार्ययोजना, सतत मॉनिटरिंग एवं बेहतर रणनीति के माध्यम से सभी ग्राम पंचायतों में भू-जल स्तर मापन का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।
जनपद पंचायत वाड्रफनगर अंतर्गत 95 ग्राम पंचायतों के 120 ग्रामों में चिन्हित 360 कूपों का भू-जल स्तर मापकर जलदूत एप में शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित की गई।
उल्लेखनीय है कि इस कार्य की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित थी, लेकिन विकासखंड ने लक्ष्य को समय-पूर्व हासिल कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
भू-जल स्तर मापन से प्राप्त आंकड़े जल संरक्षण, जल संवर्धन एवं भू-जल पुनर्भरण संबंधी कार्यों के वैज्ञानिक आकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन आंकड़ों के आधार पर ग्राम स्तर पर भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने के साथ ही मनरेगा अंतर्गत जल संरक्षण संरचनाओं के बेहतर नियोजन एवं प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायता मिल रही है।
विगत तीन वर्षों से नियमित रूप से किए जा रहे इस कार्य से ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने तथा वर्षा जल संरक्षण की दिशा में ठोस पहल को बढ़ावा मिला है।




