जब कोई व्यक्ति होम लोन लेता है तो उसकी सबसे बड़ी चिंता मासिक EMI होती है. अगर EMI बजट में फिट बैठती है तो लोन आसान लगने लगता है. लेकिन हर महीने 40,000, 50,000 या 60,000 रुपये की निश्चित किस्त का मतलब यह भी है कि आपकी आय का एक बड़ा हिस्सा पहले से ही तय खर्च में बंध जाता है. इससे बच्चों की पढ़ाई, रिटायरमेंट फंड, निवेश, छुट्टियों या किसी नए बिजनेस आइडिया के लिए पैसे निकालना मुश्किल हो सकता है. यही वजह है कि होम लोन सिर्फ एक वित्तीय उत्पाद नहीं, बल्कि लंबे समय तक आपकी आर्थिक प्राथमिकताओं को प्रभावित करने वाला फैसला भी है.




