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सोना या Nifty 50? 10 साल में किस निवेश ने बनाया ज्यादा पैसा, आंकड़ों से समझिए पूरा हिसाब

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निवेश की बात आते ही सबसे बड़ा सवाल होता है कि पैसा सोने में लगाएं या शेयर बाजार में. दोनों ही विकल्प लंबे समय से निवेशकों के बीच लोकप्रिय रहे हैं. लेकिन अगर पिछले 10 वर्षों के प्रदर्शन को देखा जाए, तो तस्वीर काफी दिलचस्प नजर आती है. आइए जानते हैं कि Gold ETF और Nifty 50 ETF में किसने निवेशकों की दौलत ज्यादा बढ़ाई.

भारत में सोने को हमेशा सुरक्षित निवेश माना जाता है, जबकि Nifty 50 देश की 50 बड़ी और मजबूत कंपनियों के प्रदर्शन का प्रतिनिधित्व करता है. दोनों की सही तुलना के लिए एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) का इस्तेमाल किया जा सकता है, क्योंकि ये अपने-अपने एसेट की कीमतों को करीब से ट्रैक करते हैं. इस तुलना में Nippon India Gold BeES ETF और SBI Nifty 50 ETF के प्रदर्शन को आधार बनाया गया. दोनों ही अपने-अपने क्षेत्र के सबसे बड़े ETF हैं और सेबी के नियमों के तहत अपनी अधिकांश राशि उसी इंडेक्स या कमोडिटी में निवेश करते हैं, जिसे वे ट्रैक करते हैं. इसलिए इनके जरिए यह समझना आसान हो जाता है कि सोने और शेयर बाजार ने अलग-अलग समय में निवेशकों को कैसा रिटर्न दिया.
1 से 5 साल में सोना रहा आगे, निवेशकों को मिला शानदार रिटर्न
आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में Gold ETF ने लगभग 42.61 प्रतिशत का रिटर्न दिया. यानी अगर किसी निवेशक ने एक साल पहले 1 लाख रुपये लगाए होते, तो उसकी रकम बढ़कर करीब 1.43 लाख रुपये हो जाती. वहीं, इसी अवधि में Nifty 50 ETF में लगाया गया 1 लाख रुपये घटकर लगभग 96,460 रुपये रह जाता. तीन साल और पांच साल की अवधि में भी Gold ETF ने बेहतर प्रदर्शन किया. पांच साल पहले लगाया गया 1 लाख रुपये का निवेश Gold ETF में बढ़कर करीब 2.81 लाख रुपये हो गया, जबकि Nifty 50 ETF में यही रकम लगभग 1.60 लाख रुपये तक पहुंची. इससे साफ है कि हाल के वर्षों में सोने ने शेयर बाजार की तुलना में कहीं ज्यादा मजबूत रिटर्न दिया.

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