तमिलनाडु के महाबलीपुरम से शुरू हुई एक ऐतिहासिक यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव के करीब है। दुनिया का सबसे विशाल शिवलिंग बिहार के गोपालगंज पहुंच चुका है, जहाँ इसके दर्शन के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा है। 210 मीट्रिक टन वजनी और 33 फीट ऊंचे इस शिवलिंग को पूर्वी चंपारण के केसरिया स्थित ‘विराट रामायण मंदिर’ में स्थापित किया जाएगा।इस अद्भुत शिवलिंग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे तमिलनाडु के महाबलीपुरम में एक ही विशाल ‘ब्लैक ग्रेनाइट’ पत्थर (मोनोलिथ) को काटकर बनाया गया है। इसे तराशने में कलाकारों को करीब 10 साल का समय लगा।
शिवलिंग की सतह पर 1008 छोटे सहस्त्रलिंगम भी उकेरे गए हैं, जो इसकी दिव्यता को और बढ़ाते हैं। इस भारी-भरकम शिवलिंग को 96 पहियों वाले एक विशेष ट्रक के जरिए सड़क मार्ग से बिहार लाया गया है।गोपालगंज पहुंचते ही स्थानीय लोगों ने जयकारों के साथ शिवलिंग का स्वागत किया।




