भारत ने अपनी समुद्री रक्षा क्षमताओं को और मजबूती देते हुए INS अर्नाला को भारतीय नौसेना में शामिल कर लिया है। यह पहला एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट (ASW-SWC) है, जो तटीय क्षेत्रों और उथले समुद्री इलाकों में पनडुब्बी जैसे खतरों से निपटने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। विशाखापत्तनम के नौसेना डॉकयार्ड में आयोजित एक भव्य समारोह में इस जहाज को नौसेना में शामिल किया गया। इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान सहित वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद थे।
हम आपको बता दें कि INS अर्नाला को ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत विकसित किया गया है। इसमें 80% से अधिक स्वदेशी उपकरण और तकनीक का उपयोग किया गया है, जो रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। हम आपको बता दें कि यह जहाज न केवल भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाता है बल्कि देश की नौसैनिक निर्माण क्षमता और तकनीकी प्रगति का भी प्रमाण है।




