सरकारी दफ्तरों के चक्कर, लंबी प्रतीक्षा और कागजी औपचारिकताओं का दौर अब धीरे-धीरे बीते दिनों की बात बनता जा रहा है। छत्तीसगढ़ में डिजिटल प्रशासन की दिशा में बढ़ते कदमों के बीच सेवा सेतु पोर्टल आम नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं को पहले से कहीं अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बना रहा है। दुर्ग जिले का एक हालिया उदाहरण इस बदलाव की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है।
डिप्टी कलेक्टर उत्तम ध्रुव की धर्मपत्नी ने नाम परिवर्तन के लिए सेवा सेतु पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन के बाद पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी की गई और गजट प्रकाशन की औपचारिकताएं भी समय पर संपन्न हुईं। इसके बाद जिला कार्यालय के सेवा सेतु प्रबंधक ने आवेदक को राजपत्र प्रकाशन का प्रमाण-पत्र सौंप दिया।
यह मामला केवल एक आवेदन के निपटारे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से सरकारी सेवाओं की कार्यप्रणाली कितनी सहज और भरोसेमंद बन सकती है। पहले जिन प्रक्रियाओं में कई बार अनावश्यक विलंब होता था, अब वे ऑनलाइन व्यवस्था के कारण तय समय में पूरी हो रही हैं।
सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिक अब विभिन्न शासकीय सेवाओं के लिए घर बैठे आवेदन कर सकते हैं और अपने प्रकरण की ऑनलाइन निगरानी भी कर सकते हैं। इससे कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर कम हुए हैं और पारदर्शिता के साथ जवाबदेही भी बढ़ी है।
वास्तव में डिजिटल तकनीक केवल प्रशासनिक सुधार का माध्यम नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन को आसान बनाने का प्रभावी साधन भी बन रही है। छत्तीसगढ़ में जनता के द्वार, डिजिटल सरकार की अवधारणा अब व्यवहारिक रूप से साकार होती दिखाई दे रही है।




