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रायपुर में सरकारी सेवाओं में देरी पर कलेक्टर सख्त

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रायपुर। सरकारी सेवाओं को समय पर उपलब्ध कराने में लापरवाही अब अधिकारियों और संबंधित विभागों पर भारी पड़ सकती है। मंगलवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सभी विभागों को लोकसेवा गारंटी अधिनियम का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय-सीमा में नागरिकों को सेवाएं उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित विभाग के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

बैठक में शासकीय भवनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि किसी सरकारी भवन का कोई हिस्सा जर्जर हो चुका है तो उसे तत्काल हटाया जाए। उन्होंने कहा कि जर्जर हिस्से के कारण किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसलिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे हिस्सों को हटाने में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

कलेक्टर ने सरकारी परिसरों में लगे पौधों को कंक्रीट और जाली के घेराव से मुक्त कराने के लिए भी सभी विभागों को अपनी-अपनी टीम गठित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य पौधों को बेहतर तरीके से विकसित होने के लिए आवश्यक स्थान उपलब्ध कराना है।

समय-सीमा की बैठक में शिशु संरक्षण माह अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने अभियान के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जिले में प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को विशेष स्वास्थ्य सत्र आयोजित किए जाएंगे।

इन सत्रों के दौरान नौ माह से पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को आयरन-फोलिक एसिड की बोतल उपलब्ध कराई जाएगी। निर्धारित दोनों दिनों में बच्चों को इसका सेवन कराया जाएगा। इसी आयु वर्ग के बच्चों को छह-छह माह के अंतराल में विटामिन-ए की खुराक भी दी जाएगी।

रायपुर जिले में आयरन-फोलिक एसिड वितरण के लिए 2,51,432 बच्चों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं विटामिन-ए की खुराक के लिए 2,37,464 बच्चों को लक्षित किया गया है।

शिशु संरक्षण माह के साथ ही शून्य से पांच वर्ष तक की आयु के उन बच्चों के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा, जो नियमित टीकाकरण से छूट गए हैं या जिनका टीकाकरण अभी पूरा नहीं हुआ है। अभियान तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा।

पहला चरण 17 से 24 अगस्त, दूसरा चरण 21 से 28 सितंबर और तीसरा चरण 26 अक्टूबर से 2 नवंबर तक चलेगा। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग को स्वास्थ्य विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों के माध्यम से पात्र बच्चों तक पहुंच बनाकर अभियान का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने पर जोर दिया गया।

उन्होंने अधिकारियों को अभियान की लगातार मैदानी निगरानी करने के निर्देश भी दिए, ताकि टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाओं से कोई भी पात्र बच्चा वंचित न रह जाए।