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रेलवे चलाएगा 262 गणपति स्पेशल ट्रेनें

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गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर अपने घर जाने वाले रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। त्योहारी सीजन के दौरान प्राइवेट बस और ट्रैवल्स ऑपरेटरों द्वारा वसूले जाने वाले मनमाने किराए (सर्ज प्राइजिंग) से आम जनता को बचाने के लिए भारतीय रेलवे ने व्यापक तैयारी की है।

सेंट्रल रेलवे (मध्य रेलवे) ने यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए इस वर्ष कुल 262 ‘गणपति स्पेशल ट्रेनें’ चलाने की घोषणा की है। रेलवे के इस कदम से न केवल यात्रियों की यात्रा आसान और सुगम बनेगी, बल्कि आम परिवारों के हजारों रुपये की बचत भी होगी।

हर वर्ष गणेशोत्सव के दौरान कोंकण और गोवा जाने वाले रेल मार्गों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ती है। ट्रेनों में टिकट न मिलने का फायदा उठाकर निजी बस संचालक और टैक्सी ऑपरेटर किराए में 3 से 4 गुना तक की बढ़ोतरी कर देते हैं। आम दिनों में जो बस टिकट 500 से 800 रुपये में मिलता है, त्योहारी सीजन में उसकी कीमत 2,500 से 4,000 रुपये तक वसूल की जाती है।

रेलवे द्वारा 262 स्पेशल ट्रेनें संचालित करने से यात्रियों को प्राइवेट बसों की इस आर्थिक चपत से मुक्ति मिलेगी। अब चार सदस्यों का परिवार स्लीपर श्रेणी या अनारक्षित कोच में मात्र 1,000 से 2,500 रुपये खर्च करके अपनी यात्रा पूरी कर सकेगा। अंतिम समय में यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए 62 अनारक्षित ट्रेनें वरदान साबित होंगी।सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) डॉ. स्वप्निल नीला के अनुसार, इस त्योहारी सीजन में कुल 262 स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स का संचालन किया जाएगा। इनमें 200 आरक्षित ट्रेनें शामिल हैं, जिनमें वातानुकूलित (AC), स्लीपर और सामान्य कोच की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 62 ट्रेनें पूरी तरह से अनारक्षित रखी गई हैं।

मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 200 आरक्षित ट्रेनों के लिए अब तक 1.17 लाख से अधिक यात्रियों ने अग्रिम बुकिंग करा ली है। इन विशेष ट्रेनों का परिचालन 9 सितंबर 2026 से प्रारंभ कर दिया जाएगा।

रेलवे प्रशासन ने मुंबई, पुणे और नागपुर से कोंकण तथा गोवा के बीच सीधी रेल सेवा को मजबूत करने के लिए यह योजना बनाई है। 200 आरक्षित ट्रेनों के मार्गवार आवंटन में सबसे ज्यादा ध्यान सावंतवाड़ी रोड पर दिया गया है, जहां सर्वाधिक 112 फेरे लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त रत्नागिरी मार्ग पर 64 फेरे और मडगांव (गोवा) मार्ग के लिए 24 फेरे निर्धारित किए गए हैं।