अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो हर महीने आपकी सैलरी से कटने वाला ईपीएफ (EPF) आपको मामूली लग सकता है. पहली नजर में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा मिलने वाला 8.25% का ब्याज बहुत ज्यादा नहीं दिखता. लोग अक्सर इसकी तुलना म्यूचुअल फंड के 12-15% रिटर्न या बैंकों की फिक्स डिपॉजिट (FD) दरों से करने लगते हैं. लेकिन, इस तुलना में हम एक बहुत बड़ी बात भूल जाते हैं. ईपीएफ सिर्फ निवेश का जरिया नहीं है, बल्कि टैक्स बचाने और रिटायरमेंट फंड खड़ा करने का एक बेहतरीन हथियार है. जब हम इसमें मिलने वाली टैक्स छूट को जोड़ते हैं, तो इसका असली फायदा आपकी सोच से कहीं ज्यादा होता है.
मनीकंट्रोल से बात करते हुए चॉइस कनेक्ट के सीईओ आतिश जैन ने बताया कि ईपीएफ का 8.25% तो सिर्फ दिखने वाला रेट है, आपका असली रिटर्न नहीं. जो लोग 30% वाले टैक्स स्लैब में आते हैं और ओल्ड टैक्स रिजीम चुनते हैं, उनके लिए टैक्स छूट मिलाकर यह रिटर्न 12% के आसपास बैठता है. ज्यादातर कर्मचारी इस गणित को नहीं समझते और सीधे म्यूचुअल फंड से इसकी तुलना कर देते हैं, जो कि पूरी तरह गलत है.




