बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सूरजपुर के दो पोस्ट मैट्रिक बालिका छात्रावासों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। शासकीय आदर्श आदिवासी पोस्ट मैट्रिक बालिका छात्रावास और शासकीय अन्य पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक बालिका छात्रावास में आयोजित शिविरों में छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम, साइबर सुरक्षा और निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी गई।
शिविरों का आयोजन प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरजपुर के अध्यक्ष श्री थॉमस एक्का के मार्गदर्शन तथा प्राधिकरण की सचिव सुश्री पायल टोपनो के नेतृत्व में किया गया। व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी श्रीमती अंजली पाण्डेय ने छात्राओं को सरल भाषा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों और पॉक्सो अधिनियम के तहत बच्चों को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा के बारे में बताया। उन्होंने पॉक्सो प्रकरणों की गंभीरता और फास्ट ट्रैक कोर्ट की भूमिका समझाते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के शोषण या अपराध की स्थिति में छात्राएं चुप न रहें और समय पर सहायता लें।
श्रीमती पाण्डेय ने सोशल मीडिया और एआई के सुरक्षित उपयोग पर भी चर्चा की। उन्होंने फर्जी लिंक, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल ब्लैकमेलिंग जैसे साइबर अपराधों से सतर्क रहने की सलाह दी। इसके साथ ही यातायात नियमों, मोटर वाहन संबंधी वैध दस्तावेजों तथा सड़क दुर्घटना के बाद विधिक सहायता और मुआवजा प्रक्रिया की जानकारी दी गई। छात्राओं को नालसा की शिक्षा एवं पीड़ित सहायता योजनाओं और निःशुल्क विधिक सहायता के टोल फ्री नंबर 15100 के बारे में भी बताया गया।
संवाद सत्र में छात्राओं और छात्रावास अधीक्षिकाओं ने पॉक्सो, साइबर अपराध, सोशल मीडिया तथा विधिक सहायता से जुड़े प्रश्न पूछे। श्रीमती पाण्डेय ने उनके उत्तर देकर जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में छात्रावास अधीक्षिका सुश्री पूजा गुप्ता, श्रीमती अनातासिया एक्का तथा पैरा लीगल वालंटियर श्री सत्य नारायण और श्री उमेश कुमार रजवाड़े उपस्थित थे।




