टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में जशपुर जिले में जनभागीदारी और युवाओं की सक्रिय भूमिका को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में टीबी उन्मूलन के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा पंचायत स्तर पर व्यापक जनजागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत परिसर जशपुर के बैठक हॉल में 8 अक्टूबर को टीबी मुक्त भारत टीम (जोश टीम) का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर वर्ष 2025 में टीबी मुक्त पंचायत के रूप में सम्मानित जिले की 225 ग्राम पंचायतों के सरपंचों और टीबी रोगियों की सहायता में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले 5 निक्षय मित्रों को सम्मानित किया गया।
*जोश टीम से टीबी उन्मूलन अभियान में बढ़ेगी युवाओं की भागीदारी*
टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से कार्यक्रम में टीबी मुक्त भारत टीम (JOSH टीम) का शुभारंभ किया गया। इस पहल के माध्यम से राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और मेरा युवा भारत के स्वयंसेवकों को अभियान से जोड़ा जाएगा।
जोश टीम के सदस्य गांवों और समुदायों में पहुंचकर लोगों को टीबी के लक्षणों, समय पर जांच, नियमित उपचार और पोषण संबंधी देखभाल के महत्व की जानकारी देंगे। इसके साथ ही टीबी के प्रति समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने और मरीजों को उपचार के लिए प्रोत्साहित करने में भी सहयोग करेंगे। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से पंचायत स्तर पर टीबी उन्मूलन अभियान को नई गति मिलने की उम्मीद है।
*जिले की 225 ग्राम पंचायतों ने हासिल की टीबी मुक्त पंचायत की उपलब्धि*
टीबी उन्मूलन की दिशा में जशपुर जिले ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले की कुल 444 ग्राम पंचायतों में से वर्ष 2025 में 225 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के रूप में सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और स्थानीय समुदाय के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
कार्यक्रम में इन सभी 225 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को महात्मा गांधी की प्रतिमा (मोमेंटो) और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान का उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों को टीबी उन्मूलन के प्रयासों में निरंतर सक्रिय रहने तथा अन्य ग्राम पंचायतों को भी इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित करना है।
*टीबी मरीजों के पोषण और उपचार में सहयोग करने वाले 5 निक्षय मित्र सम्मानित*
टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत निक्षय मित्रों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। ये टीबी मरीजों को उपचार अवधि के दौरान पोषण संबंधी सहायता और अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराते हैं, जिससे मरीजों को उपचार जारी रखने और स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने में मदद मिलती है।
कार्यक्रम में टीबी रोगियों के प्रति सेवाभाव और सहयोग के लिए जिले के 5 निक्षय मित्रों को सम्मानित किया गया। इस पहल के माध्यम से समाज के अन्य नागरिकों और संस्थाओं को भी निक्षय मित्र बनकर टीबी उन्मूलन अभियान में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
*वर्ष 2026 में सभी ग्राम पंचायतों तक जनजागरूकता पहुंचाने का लक्ष्य*
कार्यक्रम में वर्ष 2026 के दौरान जिले की सभी 444 ग्राम पंचायतों को टीबी उन्मूलन के प्रयासों से जोड़ने तथा व्यापक जनजागरूकता विकसित करने का संकल्प लिया गया। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग, युवा स्वयंसेवकों और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया गया।
टीबी की समय पर पहचान, नियमित जांच, संपूर्ण उपचार और पोषण संबंधी सहयोग के माध्यम से संक्रमण की रोकथाम तथा मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार के प्रयासों को और मजबूत किया जाएगा। जोश टीम के गठन और पंचायत प्रतिनिधियों की सहभागिता से जशपुर जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान को नई दिशा और गति मिलेगी।
कार्यक्रम में नगरपालिका परिषद जशपुर के अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगरपालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव तथा जनपद पंचायत जशपुर के अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।




