Home छत्तीसगढ़ ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर 2 नवंबर को रायगढ़ में होगा...

‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर 2 नवंबर को रायगढ़ में होगा राज्योत्सव, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजेगी शाम

1
0

संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय कार्यक्रम का वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी करेंगे शुभारंभ

गणेश वंदना से छत्तीसगढ़ लोकगायन तक दिखेगी कला और संस्कृति की छटा

रायपुर, 31 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में रायगढ़ जिले में 2 नवंबर को राज्योत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट में आयोजित होने वाले इस जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 6 बजे प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी करेंगे। इस वर्ष राज्योत्सव का आयोजन ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर किया जा रहा है।

राज्योत्सव में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और विभागीय उपलब्धियों पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए जाने वाले स्टॉलों के माध्यम से महिला स्वावलंबन, युवा कौशल विकास, ग्रामीण समृद्धि, औद्योगिक प्रगति और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी आम नागरिकों को मिलेगी। साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजेगी राज्योत्सव की शाम

राज्योत्सव के अवसर पर 2 नवंबर को शाम 8 बजे से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। कार्यक्रमों की शुरुआत श्री चक्रधर संगीत महाविद्यालय, रायगढ़ की गणेश वंदना नृत्य प्रस्तुति से होगी। इसके बाद आयत कथक एकेडमी द्वारा रामकथा समूह नृत्य, श्री चक्रधर बालिका गृह द्वारा नशामुक्त भारत नृत्य तथा ओ.पी. जिंदल स्कूल द्वारा बिहू एवं छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके अलावा शासकीय कन्या आश्रम गोढ़ी (तमनार) द्वारा आदिवासी करमा नृत्य, कार्मेल इंग्लिश मीडियम स्कूल द्वारा राजस्थानी लोकनृत्य और जिंदल चिल्ड्रन होम, तमनार द्वारा शिव तांडव नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। वैष्णव संगीत महाविद्यालय की देवस्तुति, सेंट टेरेसा इंग्लिश मीडियम स्कूल का पहाड़ी नृत्य, पायल मानिकपुरी एवं समूह का नृत्य नाद (त्रिश्लोका कथक), श्री शेखर गिरि एवं समूह का पंथी नृत्य तथा श्री हुतेन्द्र शर्मा एवं समूह की छत्तीसगढ़ लोकनृत्य एवं लोकसंगीत की प्रस्तुति के साथ सांस्कृतिक संध्या का समापन होगा। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों की लोकपरंपराओं के साथ छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी।