इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का इंतजार कर रहे करोड़ों टैक्सपेयर्स के लिए एक जरूरी खबर है. इनकम टैक्स विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR-1 और ITR-4 फॉर्म की सुविधा शुरू कर दी है. अब योग्य टैक्सपेयर्स बिना किसी देरी के अपना ITR फाइल कर सकते हैं. विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए जानकारी दी कि ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक्सेल यूटिलिटी और ऑनलाइन फाइलिंग दोनों ऑप्शन एक्टिव कर दिए गए हैं. यह सुविधा 15 मई 2026 से मौजूद हो गई है.
7 तरह के फॉर्म
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) एक ऐसा फॉर्म है, जिसके जरिए टैक्सपेयर्स अपनी आय, टैक्स बचत और टैक्स देनदारी की जानकारी इनकम टैक्स विभाग को देते हैं. हर वित्त वर्ष के लिए ITR 31 जुलाई तक भरना जरूरी होता है. फिलहाल ITR-1 से लेकर ITR-7 तक कुल 7 तरह के फॉर्म हैं, जिन्हें आय और टैक्सपेयर की कैटेगरी के हिसाब से चुना जाता है.
किन लोगों के लिए है ITR-1 ?
ITR-1, जिसे सहज फॉर्म उन भारतीय रेजिडेंट लोगों के लिए है जिनकी कुल सालाना आय ₹50 लाख तक है. यह फॉर्म सैलरी, पेंशन, दो घरों से आय, ब्याज जैसी दूसरी आय और ₹5,000 तक की कृषि आय वाले लोग भर सकते हैं. इसके अलावा, सेक्शन 112A के तहत ₹1.25 लाख तक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन वाले टैक्सपेयर्स भी ITR-1 का इस्तेमाल कर सकते हैं.




