Home छत्तीसगढ़ सुशासन तिहार बना वनांचल के मछुआरों के लिए खुशियों की सौगात

सुशासन तिहार बना वनांचल के मछुआरों के लिए खुशियों की सौगात

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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित सुशासन तिहार 2026 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के साथ ही ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। इसी क्रम में बालोद जिले के डौण्डी विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम मंगलतराई में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर मछुआरों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया।

शिविर में मत्स्य पालन विभाग द्वारा मछुआ समिति खुर्सीटिकुर को योजना अंतर्गत लगभग एक लाख रुपए मूल्य का आधुनिक मछली जाल प्रदान किया गया। यह सहायता समिति के सदस्यों के लिए केवल सामग्री वितरण नहीं, बल्कि उनकी आजीविका को मजबूत करने और आय में वृद्धि का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर सामने आई है।

मछुआ समिति के सचिव श्री आशाराम कुंजाम ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि वे वर्षों से पारंपरिक तरीके से मत्स्य पालन कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। उनकी समिति से 21 सदस्य जुड़े हुए हैं और सभी परिवारों की आजीविका मछली पालन पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण मछली जाल मिलने से अब वे बड़े स्तर पर मछली पकड़ सकेंगे, जिससे उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि होगी।

उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार के माध्यम से सीधे शिविर स्थल पर यह सहायता प्राप्त होने से ग्रामीणों को विभागीय कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े और समय पर लाभ मिल सका। इससे उनका कार्य पहले की तुलना में अधिक सरल और प्रभावी हो जाएगा।

मछुआ समिति के सदस्यों ने शासन की संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा मछुआरों के कल्याण एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित योजनाओं का लाभ अब दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।