लाइफ इंश्योरेंस (जीवन बीमा) लेते समय अक्सर एक पुराना थम्ब रूल या नियम समझाया जाता है कि आपका लाइफ कवर आपकी सालाना कमाई का कम से कम 15 गुना होना चाहिए. उदाहरण के लिए, यदि आपकी सालाना इनकम ₹10 लाख है, तो आपको ₹1.5 करोड़ का टर्म प्लान ले लेना चाहिए. लेकिन बदलते दौर में वित्तीय एक्सपर्ट्स (Financial Experts) मान रहे हैं कि यह सीधा और सपाट नियम अब किसी काम का नहीं रह गया है.
आधुनिक वित्तीय योजनाकारों (Financial Planners) का कहना है कि इंश्योरेंस का यह पुराना नियम केवल एक अनुमान भर देता है, लेकिन यह आपके परिवार की वास्तविक जरूरतों की सटीक तस्वीर पेश नहीं करता. आज के समय में जब एजुकेशन और मेडिकल कॉस्ट (इलाज का खर्च) आसमान छू रहे हैं, तब केवल इनकम के मल्टीपल (गुणा) के आधार पर बीमा राशि चुनना एक बड़ी भूल हो सकती है. इस नियम की सबसे बड़ी कमी यह है कि यह हर इंसान की अलग परिस्थितियों को एक ही तराजू में तौलता है. एक्सपर्ट्स अब 15 गुना वाले इस पारंपरिक नियम को छोड़कर ‘ह्यूमन लाइफ वैल्यू’ (Human Life Value) और व्यक्तिगत देनदारियों के आधार पर नया और कस्टमाइज्ड इंश्योरेंस कवर चुनने की पुरजोर वकालत कर रहे हैं.




