विद्यालयों में निबंध, चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन
स्वच्छता को दैनिक जीवन की आदत बनाने और स्वच्छता दूत के रूप में भूमिका निभाने के लिए हुए प्रेरित
रायपुर, 18 सितंबर 2026
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक आयोजित ‘स्वच्छता ही सेवा’ एवं सेवा संकल्प अभियान के तहत जशपुर जिले के विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए ‘स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ विषय पर निबंध, चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा और विचारों के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार नागरिकता का संदेश दिया।
इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ उन्हें स्वच्छ एवं स्वस्थ भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था। गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के साथ उन्हें अपने घर, विद्यालय और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता का संदेश पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
निबंध में विद्यार्थियों ने रखे स्वच्छता से जुड़े विचार
निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने स्वच्छता, स्वच्छ विद्यालय, स्वच्छ गांव, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ भारत के महत्व जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने स्वच्छता को केवल किसी अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे दैनिक जीवन की आदत और सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्वच्छ वातावरण को स्वस्थ जीवन और विकसित समाज की आधारशिला के रूप में रेखांकित किया।
चित्रों में उकेरी स्वच्छ एवं हरित भारत की परिकल्पना
चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेशों को अपनी कल्पनाशीलता के साथ चित्रों में उकेरा। स्वच्छ विद्यालय, स्वच्छ गांव, कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त वातावरण तथा हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण जैसे विषयों पर बनाए गए चित्रों के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
भाषण में स्वच्छता को जीवनशैली बनाने पर जोर
भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने ‘स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ विषय पर अपने विचार साझा करते हुए स्वच्छता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। विद्यार्थियों ने कचरे का उचित प्रबंधन, गीले एवं सूखे कचरे का पृथक्करण तथा प्लास्टिक के उपयोग को कम करने जैसे उपायों को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।
इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने विद्यालय, घर और आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ रखने तथा अन्य लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को ‘स्वच्छता दूत’ के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि वे अपने परिवार एवं समुदाय तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाते हुए स्वच्छ, स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बन सकें।




