छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, रायपुर के निर्देशानुसार राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा निर्धारित मुख्य विषय सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार पर आधारित राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस 2026 का जिला स्तरीय आयोजन सेजेस विश्रामपुर में संपन्न हुआ। आयोजन में शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामानुजनगर के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया जिसमें दो वैज्ञानिक परियोजनाओं का राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है।
प्रतियोगिता के सीनियर वर्ग में कक्षा 12वीं के शिवम ठाकुर एवं कक्षा 11वीं के राकेश कुमार यादव द्वारा प्रस्तुत परियोजना विद्यालयों में पाँच सूत्रीय पद्धति के माध्यम से सतत कागज प्रबंधन – कम उपयोग, पुनः उपयोग, पुनर्प्राप्ति, पुनर्रचना एवं पुनर्चक्रण का चयन राज्य स्तर के लिए हुआ। परियोजना के माध्यम से विद्यार्थियों ने विद्यालयों में कागज की खपत कम करने, अनुपयोगी कागज का बेहतर उपयोग करने तथा कागज अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन की दिशा में प्रयास प्रस्तुत किया। इसी प्रकार जूनियर वर्ग में कक्षा 9वीं के अंशु सिंह एवं कृष्णा सिंह द्वारा प्रस्तुत परियोजना परंपरा से सतत जीवन की ओर ग्रामीण समुदायों में पारंपरिक बाँस संबंधी ज्ञान, उपयोग एवं आजीविका का वैज्ञानिक अध्ययन ने भी निर्णायकों का ध्यान आकर्षित किया और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हुई। इस परियोजना में ग्रामीण समुदायों के पारंपरिक बाँस संबंधी ज्ञान, उसके विविध उपयोग, आजीविका में योगदान तथा सतत विकास की संभावनाओं का वैज्ञानिक अध्ययन किया गया। दोनों परियोजनाओं के मार्गदर्शक शिक्षक व्याख्याता गोपाल सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य बच्चों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा एवं अनुसंधान की भावना विकसित करना तथा स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनके वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना है। संस्था के प्राचार्य श्री पी.सी. सोनी ने चयनित सभी विद्यार्थियों को इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी।




